तन चंचला
मन निर्मला
व्यवहार कुशला
भाषा कोमला
सदैव समर्पिता |
नदिया सा चलना
सागर से मिलना
खुद को भुलाकर भी
अपना अस्तित्व संभलना
रौशन अस्मिता |
सृष्टि की जननी
प्रेम रूप धारिणी
शक्ति सहारिणी
सबल कार्यकारिणी
अन्नपूर्णा अर्पिता. |
मूरत ममता
प्रचंड क्षमता
प्रमाणित विधायक
सौजन्य विनायक
अखंड सहनशीलता |
आज का युग तेरा है परिणीता
नारी तुझ पर संसार गर्विता |
नारी दासी कृत नहीं
वह माँ ,भगनी व दूहिता है
सावित्री ,अनुसूइया है वह कल्याणी,माँ सीता है तुलसी, तुलसीदास बना रत्ना कि फटकारों से भारत में क्रांति जागी है लक्ष्मी कि तलवारों से....
यत्र नार्यस्तु पूज्यंते रमन्ते तत्र देवता:"
अन्तर्राट्रीय महिला दिवस पर हार्दिक शुभकामना!